UPSC प्रारम्भिक परीक्षा के लिए कौन सी किताबें पढ़नी चाहिये?
UPSC प्रारम्भिक परीक्षा के लिए कौन सी किताबें पढ़नी चाहिये? इसका विवरण नीचे दिया गया है।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा
की तैयारी गहन एवं विस्तृत दो प्रकार से की जाती है। अधिक से अधिक टॉपिक को कवर
करना होता है और साथ ही हर टॉपिक को गहराई से तैयार करना होता है। यूपीएससी
प्रारंभिक परीक्षा को तैयार करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप सबसे पहले एनसीआरटी
का अध्ययन करें। किन एनसीआरटी का अध्ययन करना चाहिए वह निम्नलिखत है-
इतिहास – इतिहास में
प्राचीन भारत एवं आधुनिक भारत की एनसीआरटी को कवर करें। मध्यकालीन भारत बहुत
विस्तृत है उसे एनसीआरटी से पढ़ने की आवश्यकता नहीं है।
राजनीति विज्ञान – कक्षा 8
से कक्षा 12 तक की एनसीआरटी की पुस्तकें।
विज्ञान – कक्षा 6 से कक्षा
12
पर्यावरण – कक्षा 8 से
कक्षा 12 तक जो भी उपलब्ध हो। कक्षा 12 की जीव विज्ञान के आखिर चार अध्याय।
अर्थव्यवस्था – कक्षा 6 से
कक्षा 12
भूगोल – कक्षा 6 से कक्षा
12
जब आप दो से तीन बार एनसीआरटी को अच्छे से पढ ले तो एनसीआरटी पर
आधारित कुछ टेस्ट पेपर साल्व करें। यदि आप ठीक-ठाक प्रश्नों के सही उत्तर दे रहे
है तो आगे बढ़ें नहीं तो फिर से एनसीआरटी को रिवाइज करें। जब आप अच्छा प्रदर्शन
करने लगे तब आपको किताबों की ओर बढ़ना चाहिए। किताबे पढ़ते समय तथ्यों को अच्छी
तरह से याद करना है और कानसैप्ट को गहराई से समझने की कोशिश करनी है। प्रारंभिक
परीक्षा के लिए निम्नलिखित किताबे पढ़ना सही होता है-
इतिहास- विपिन चंद्रा की
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
स्पैक्ट्रम का आधुनिक भारत का इतिहास
प्राचीन भारत के लिए एनसीआरटी पर्याप्त
है।
भूगोल – अलका गौतम – भारत का
भूगोल
माजिद हूसैन – विश्व का भूगोल
एटलस
अर्थव्यवस्था – रमेश सिंह की भारतीय
अर्थव्यवस्था
प्रो. एस एन लाल की भारतीय
अर्थव्यवस्था
किसी प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान के कक्षा
नोट्स (इससे समसामयिक अर्थव्यवस्था की समझ पाने में आसानी होगी।)
हर वर्ष प्रकाशित होने वाला आर्थिक सर्वे
पर्यावरण – शंकर आईएस की
किताब
दृष्टि आईएस की पर्यावरण की किताब
विज्ञान – स्पैक्ट्रम की
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
भारतीय राजव्यवस्था –
लक्ष्मीकांत ( इसे कई बार पढ़ना है।)
ओरीजनल संविधान के साथ
लक्ष्मीकांत पढ़े इससे संविधान में स्पष्ट रूप से क्या लिखा है इसे लेकर आपकी सही
एवं सटीक समझ विकसित होगी अन्यथा परीक्षा केन्द्र में कन्फ्यूजन का सामना करना
पडेगा और भारतीय राजव्यवस्था का अगर एक भी कर सकने योग्य प्रश्न आप गलत करते है तो
प्रारंभिक परीक्षा से सीधे बाहर हो जाएंगे क्योंकि अधिकत्तर पास होने वाले
विद्यार्थी इसके प्रश्न गलत नहीं करते है।
इसलिए संविधान को बहुत सतर्कता के साथ पढ़ें।
समसामयिक – प्रतियोगिता दर्पण,
दृष्टि द विजन , द विजन इनमें से कोई एक पढ़ें।
योजना, कुरूक्षेत्र, भारत आदि पढें।
न्युजपेपर में द हिंदू एवं
द इंडियन एक्सप्रेस पढ़ें।
सभी किताबों को पढ़ने के बाद टेस्ट पेपर सॉल्व
करें। परीक्षा पर जाने से पहले तैयारी के एक साल में कोशिश करें की कम से कम
10,000 प्रश्नों का टेस्ट के रूप में अभ्यास करें। इससे आपमें सही उत्तर को पकड़ने
की क्षमता विकसित हो जाएगी। जैसे आप देखते होंगे की सचिन तेंदुलकर सेकेंड से कम
समय में ही बल्ला घुमाकर शॉट मार देता है वैसे ही आप भी बेहद कम समय में प्रश्न का
सही उत्तर छॉटना सीख जाओगे यदि आपने 10,000 से अधिक प्रश्नों का अभ्यास किया होगा।
यह करना सफलता के लिए बेहद जरूरी है इसको नकारकर आप सिर्फ अपनी पराजय को ही
आमंत्रित करेंगे इसलिए चाहे कितना भी कष्ट क्यों न हो एक या दो वर्ष की
प्रारंम्भिक परीक्षा की तैयारी में 10,000 से अधिक टेस्ट प्रश्नों का समाधान जरूर
करें।
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