kya aab corona virus ka Delta variant duniya mai machayenga kaher?
क्या
अब कोरोना वायरस का डेल्टा वैरियेंट (Delta variant) दुनिया में मचाएंगा कहर?
दुनिया में कहर मचा रहा डेल्टा वैरियेंट (delta variant)
by Nitin Singhal
अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक नये उभर रहे कोरोना के वैरियेंट डेल्टा वैरियेंट (delta variant) पर अपने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। डेल्टा वैरियेंट के फैलने की दर काफी अधिक है साथ ही यह अपने पहले के वैरियेंट की तुलना में घातक भी बहुत ज्यादा है। यही कारण है कि राष्ट्रपति बिडन ने अपने देश के लोगों को जल्द से जल्द वक्सीन लेने को कहा है ताकि वह इस नये डेल्टा वैरियेंट से खुद को बचा सकें।
डेल्टा वैरियेंट(delta variant) ने अब दुनिया में अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। 18 जून को यूनाइटिड किंगडम( यू.के.) कोविड-19 के 11000 से अधिक केस आये। एक दिन में इतने अधिक केस डेल्टा वायरस के यहाँ फैलने के कारण आये हैं। यू.के. में फरवरी के बाद ऐसा हुआ है कि एक दिन में 10,000 से अधिक मामले सामने आये हो। यू.के. में कोविड़-19 के इन बढ़ते मामलों को वहाँ पर तीसरी लहर कहा जा रहा हैं। इंगलैण्ड में 61 प्रतिशत सैंपल में डेल्टा वैरियेंट आ रहा है।
म्यूटेशन क्या होता है?
कोरोना जो कि एक आर.एन.ए. (RNA) वायरस जैसे कि सार्स-कोव-2
होता है वह 30,000 से अधिक एमिनो एसिड के जोडे से मिलकर बना होता है। जब भी कभी इन
30000 से अधिक एमिनो एसिड के जोड़े में कुछ बदलाव होता है तो उस बदलाव के होने की
प्रक्रिया को म्यूटेशन कहते हैं। इस बदलाव से वायरस के कार्य करने के ढंग में
परिवर्तन आ जाता है। डेल्टा वैरियेंट में स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन हुआ है।
भारत में दूसरी लहर में कोरोना वायरस ने म्यूटेंट होकर अपना एक नया वैरियेंट बनाया है। यह वैरियेंट कोरोना के अन्य वैरियेंट की तुलना में कहीं गुणा अधिक तेज़ी से फैलता है। साथ ही इसका प्रभाव ही बेहद घातक है। डेल्टा वैरियेंट( delta variant) से मौतों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। इस वैरियेंट की एक खतरनाक बात यह भी है कि यह युवाओं को भी बड़े पैमाने पर अपना शिकार बना रहा है। कोरोना वैरियेंट का नाम रखने के लिए डब्लू.एच, ओ. ग्रीक वर्णमाला का प्रयोग कर रहा है। इसके तहत इस नये वैरियेंट को डेल्टा वैरियेंट(delta variant) नाम दिया गया। पहले इसे इंडिया वैरियेंट कहा जा रहा था क्योंकि यह भारत में सबसे पहले सामने आया।
डब्लू. एच. ओ. ( World Health Organization)
डब्लू. एच. ओ. ने डेल्टा वैरियेंट को अपने चिंता के वैरियेंट (variant of concern) की लिस्ट में डाल दिया है। यह वैरियेंट भारत में सबसे पहले पाया गया है जहाँ पर इस वैरियेंट ने भीषण तबाही मचायी है। इस लिस्ट में इस वैरियेंट को डालने का मतलब है कि यह वैरियेंट दुनिया के लिए भी एक खतरा बनने की संभावना रखता है।
डेल्टा प्लस वैरियेंट (delta plus variant)
अब धीरे-धीरे डेल्टा के अंदर ही एक नया वैरियेंट उभर रहा है जिसे डेल्टा प्लस कहा जा रहा है। यह वैरियेंट भी घातक है और दुनिया में तबाही मचाने में सक्षम हैं।
बचाव के उपाय
डेल्टा वायरस उन लोगों के लिए बेहद खतरनाक है जिन लोगों ने अभी तक कोई वैक्सीन नहीं ली है ऐसे में इस वायरस से बचाव का एक ही तरीका है कि जल्द से जल्द अपने आप को वैक्सीन लगवा ली जाएं। वैक्सीन लगवाने के बाद भी 20-25 दिन लगते हैं एंटीबॉडी विकसित होने में इसलिए वैक्सीन लगवाने के बाद भी सतर्कता में कोई कमी नहीं रखनी है।



Thanks
ReplyDelete👍
ReplyDeleteसर आपका ये ब्लॉग सराहनीय है,ऐसे ही लिखते रहिये।thank you
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