MILKHA SINGH DEAD

 milkha singh

मिल्खा सिंह एक नाम भर नहीं था वह एक पहचान था जिसने दौड़ में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई। बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को कैसे फिट बनाये रखते हैं इस बात की पहचान बन गये है।मिल्खा सिंह एक जिन्दादिल इंसान थे। सकारात्मकता एवं ऊर्जा से भरे हुए कितने ही खिताब उन्होंने अपने नाम किये।  आज यह दौड़ का बेताज बादशाह इस दुनिया से सदा के लिए अलविदा कर गया। ्मिल्खा  सिंह ने अपने बचपन में बहुत बुरा समय देखा परंतु वह समय उन्हें उनके सपनों की उड़ान को पूरा करने से रोक न सका।  मिल्खा सिंह के लिए हर दर्द की दवा दौड़ ही थी। उन्होंने अपने कई साक्षात्कारों में यह बात कहीं बार कही है कि उन्होंने दवाईया  लेना पसंद नहीं है। वे इसके बजाये सुबह में अपने दौड़ने वाले जुते पहनकर कई किलोमीटर की वाक करते है इससे उनका सारा दर्द और तकलीफ़ गायब हो  जाती हैं। 



बचपन में झेला दंगों का कहर

मिल्खा सिंह ने बचपन में दंगों  का दर्द झेला था। जब वह छोटे थे तो उनके पूरे परिवार को दंगों में मार दिया गया था। उस समय वह और उनकी बहन ही बचकर भारत वापस आ सके थे। मिल्खा सिंह का बचपन गरीबी में बिता परंतु उन्होंने इसे कभी भी अपने ऊपर हावी होने नहीं दिया। भारत में रहकर उन्होंने मिलिट्रि जाइन की और वही  पर दौड़ के खेल में हिस्सा लेना शुरू किया।

फिल्म भी आ चुकी है मिल्खा सिंह के जीवन पर  



मिल्खा सिंह यह बात बार-बार कहते थे कि जिंदगी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। वक्त़ से हारकर आप हार सकते हैं पर वक़्त से जीतकर आप मिल्खा सिंह बन सकते हैं यही सीख हमें मिल्खा  सिंह के जीवन से सीखने को मिलती है। उनके जीवन पर मिल्खा सिंह नाम से एक फिल्म भी आ चुकी है। बाक्स आॉफिस पर इस फिल्म ने काफी अच्छा काम  किया था।


आर्मी में रहते हुए मिली जीवन को दिशा

आर्मी में रहते हुए मिल्खा सिंह ने फिटनेस और अनुशासन के महत्व को समझा। उन्होंने जाना कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासन के साथ अपना अभ्यास करना कितना जरूरी होता है साथ ही अपने शरीर को स्वस्थ्य बनाये रखना भी कितना जरूरी होता है। आर्मी में रहने के दौरान ही वह दौड़ प्रतियोगिताओं के संपर्क में आये। वही से मिल्खा सिंह को जीवन में एक दिशा मिल गई। इसके बाद तो उन्होंने पलटकर वापस नहीं देखा और दौ़ड़ प्रतियोगतिताओं में एक के बाद एक सफलताएँ अर्जित की।


मिल्खा सिंह आज हमारे बीच में नहीं है परंतु उनकी कमी हमेशा रहेगी।






















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